अध्‍याय -7
 

नीति निर्धारण व कार्यान्‍वयन के संबंध में जनता या जन प्रतिनिधि से परामर्श के लिए बनायी गयी व्‍यवस्‍था का विवरण-                                             

जिला स्तर एवं दुकान स्तर पर खाद्य एवं रसद सलाहकार तथा सतर्कता समितियों का गठन कराकर जनवितरण प्रणाली माननीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श/नियंत्रण की व्यवस्था की गयी है, जिसके अन्तर्गत जनपद स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता माननीय सांसद एवं माननीय विधायक द्वारा वर्णमाला के अनुसार प्रत्येक तीन माह में की जाती है, जिसमें जनपद के समस्त विधायकों के साथ-साथ जिलाधिकारी द्वारा नामित 15 गैर सरकारी सदस्यों द्वारा प्रतिभाग करके सार्वजनिक वितरण-प्रणाली की समीक्षा, जनपद के कृषि उत्पादन, मुख्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं मूल्यों, घटतौली तथा अपमिश्रण की रोकथाम आदि से सम्बन्धित मामलों की समीक्षा की जाती है और  समिति द्वारा अपने बहुमूल्य परामर्श जिला अधिकारी के माध्यम से शासन को प्रेषित कराये जाने की व्यवस्था।

2.    ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में गठित प्रशासनिक समिति द्वारा प्रतिमाह अपने ग्राम पंचायत से सम्बन्धित सार्वजनिक वितरण-प्रणाली की समीक्षा की जाती है।

3.    शहरी क्षेत्र में पाँच सदस्यीय सतर्कता समिति का गठन जिला अधिकारी द्वारा किया जाता है, जिसमें कम से कम एक महिला और एक बी0पी0एल0 कार्डधारक (यदि दुकान से सम्बद्ध हों) अवश्य रखे जाते हैं। यह समिति माह में एक बार बैठक करने और राशन के दुकानदार द्वारा आदेशों के अनुसार वितरण का कार्य कर रहा है अथवा नहीं, से सम्बन्धित सूचना समिति द्वारा सम्बन्धित अधिकारी को देने की व्यवस्था की गयी है।